दाद, खाज, खुजली और सोरायसिस से प्रामाणिक आयुर्वेदिक राहत
बाकुची तेल, वैसलीन सल्फर, कत्था, शुद्ध गंधक और नीला थोथा का शास्त्रीय संगम। जिद्दी पुरानी खुजली और रिंगवर्म को जड़ से शांत करता है।


ग्राहकों के असली बिफोर-आफ्टर अनुभव व कहानियां
इंस्टाग्राम स्टोरी स्टाइल में देखें कि कैसे माँ आयुर्वेदिक क्रीम ने दाद, दरार और पुरानी खुजली में राहत दी
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बाद में“3 साल से जांघ और बाजू पर दाद का लाल गोल चकत्ता था। कई केमिकल मलम लगाए लेकिन छोड़ते ही दुबारा फैल जाता था। माँ आयुर्वेदिक क्रीम को दिन में दो बार लगाया और खट्टा बंद रखा। 14 दिन में दाद का निशान तक पूरी तरह गायब हो गया।”
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बाद में“सर्दियों में एड़ियों और उंगलियों में गहरे कट लग जाते थे और असहनीय टीस उठती थी। माँ आयुर्वेदिक क्रीम लगाते ही पहले दिन से जलन खत्म हो गई और 10 दिन में गहरी दरारें प्राकृतिक रूप से पूरी भर गईं।”
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बाद में“कोहनी पर चांदी जैसी सफेद पपड़ी और लाल सूखे चकत्ते जमते थे। 2 पैक कॉम्बो का नियमित उपयोग किया और पूरे परहेज का पालन किया। त्वचा की पपड़ी झड़ना बंद हो गई और नया स्वस्थ रूप आ गया।”
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बाद में“धूल, पसीने और एलर्जी से लगातार खुजली रहती थी। भीमसेनी कपूर और नीम के अर्क ने तुरंत राहत दी। अब कोई जलन या लालिमा नहीं है। परिवार के लिए 3-पैक कॉम्बो मंगाया है।”
माँ आयुर्वेदिक क्रीम क्यों है सबसे अलग?
यह केवल सतह की खुजली नहीं दबाती — आयुर्वेद के कण्डूघ्न और रोपण सिद्धांतों पर काम करती है।
100% शुद्ध जड़ी-बूटियाँ
बाकुची (15%), वैसलीन सल्फर (12%), कत्था व शुद्ध गंधक का सक्रिय फॉर्मूला फंगल संक्रमण नियंत्रित करता है।
0% स्टेरॉयड
कोई हानिकारक केमिकल नहीं जिससे त्वचा पतली हो या निर्भरता बने। पूर्णतः सुरक्षित व प्राकृतिक।
तुरंत खुजली राहत
गंध पुष्पा और वैसलीन सल्फर लगाते ही जलन, लालिमा और असहनीय खुजली को शांत करते हैं।
दाग-धब्बे भरता है
दाद के बाद बचे काले निशान और दरारों को मिटाकर प्राकृतिक त्वचा रंग वापस लाता है।
पारंपरिक जड़ी-बूटियों की अद्वितीय शक्ति
शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित चर्मरोगनाशक दुर्लभ वनस्पतियों का सिद्ध योग
बाकुची तेल (Bakuchi oil / Psoralea corylifolia)
पारंपरिक रूप से चर्म रोग, दाद (रिंगवर्म), खाज व पुरानी जिद्दी खुजली में अत्यंत गुणकारी सक्रिय घटक।
वैसलीन सल्फर (Vaseline Sulfur)
त्वचा को गहराई से नमी, दरारों में सुरक्षा और रोगाणुरोधी आवरण प्रदान करता है।
कत्था (Katha / Acacia catechu)
प्राकृतिक रक्तशोधक, त्वचा की जलन, छालों और घावों को तेजी से सुखाने में सहायक।
गंध पुष्पा (Gandh Pushpa / Salix caprea)
त्वचा की सूजन (Anti-inflammatory), लालिमा और असहनीय जलन को शांत कर ठंडक देता है।
शुद्ध गंधक (Gandhak / Copper (I) / Purified Sulphur)
आयुर्वेद सम्मत शक्तिशाली रोगाणुरोधी खनिज जो फंगल व बैक्टीरियल संक्रमण को जड़ से नियंत्रित करता है।
नीला थोथा (Neela Totha / Purified Blue Vitriol)
शास्त्रीय आयुर्वेदिक शोधित घटक जो जिद्दी दाद व फंगस को नष्ट कर त्वचा का सुधार करता है।
हरितोली (Haritoli / Gymnema sylvestre)
दुर्लभ जड़ी-बूटी अर्क जो त्वचा की प्रतिरोधक क्षमता और सूक्ष्म संक्रमण नियंत्रण में उपयोगी है।
क्रीम बेस (Cream Base)
सभी सक्रिय आयुर्वेदिक घटकों को त्वचा की गहराई तक समाहित करने वाला सुरक्षित मखमली बेस।
अपना पैक चुनें और बचत करें

100% संतोष अथवा धन वापसी
30 दिनों तक परहेज के साथ उपयोग करें। संतुष्ट न होने पर पूरा रिफंड।
अपना पसंदीदा पैक चुनें (Select Your Pack)
पैक का चयन करें — चुने गए पैक के नीचे तुरंत 'अभी खरीदें' व 'कार्ट में जोड़ें' विकल्प उपलब्ध होगा।
1 पैक (ट्रायल पैक)
हल्की या शुरुआती खुजली व दरार के लिए उपयुक्त
2 पैक कॉम्बो (स्पेशल बचत)
अनुशंसित कोर्सपुराने दाद, खाज और बार-बार होने वाले संक्रमण के लिए 45 दिन का कोर्स
3 पैक सम्पूर्ण राहत पैक
पूरे परिवार के लिए अथवा गंभीर सोरायसिस व पुरानी जिद्दी खुजली का पूर्ण समाधान
दाद, दरार, खुजली और सोरायसिस में क्या नहीं खाना है?
आयुर्वेद के अनुसार खट्टी व पित्तवर्धक चीजें रक्त (Blood) को दूषित करती हैं, जिससे खुजली और संक्रमण बार-बार भड़कता है। माँ आयुर्वेदिक क्रीम के साथ इन खाद्य पदार्थों का पूर्ण परहेज रखने से ही स्थायी आराम मिलता है।

इन खट्टी व बासी चीजों का सेवन बिल्कुल न करें:
(Strictly Avoid All Sour, Fermented & Citric Foods)
स्वास्थ्यवर्धक एवं अनुशंसित आहार (पथ्य):
- ताजा लौकी, तोरई, परवल, टिंडा की हरी सब्जी
- पर्याप्त मात्रा में शुद्ध गुनगुना पानी
- मूंग की छिलके वाली दाल और सादी गेहूं की रोटी
- धुले हुए साफ सूती (100% Cotton) ढीले कपड़े
सही तरीके से लगाने पर तेज़ असर
बेहतर परिणाम के लिए इन 4 सरल चरणों का नियमित पालन करें
प्रभावित स्थान को पहले हल्के गुनगुने पानी से धोकर साफ और सूखे सूती कपड़े से सुखा लें।
अपनी उंगली पर थोड़ी मात्रा में क्रीम लेकर प्रभावित त्वचा पर हल्के हाथों से गोलाकार में लगाएं।
क्रीम को जोर से न रगड़ें, त्वचा पर एक पतली परत छोड़ दें ताकि जड़ी-बूटियां असर कर सकें।
उत्तम और स्थायी परिणाम के लिए इसे दिन में 2 बार (सुबह नहाने के बाद और रात को सोने से पहले) लगाएं।
दाद, खाज, खुजली और सोरायसिस में क्या अंतर है?
हर प्रकार की खुजली केवल एक साधारण इन्फेक्शन नहीं होती। सही समझ और उचित पहचान ही त्वचा की समस्या के समाधान की पहली सीढ़ी है।
1. दाद (Ringworm)
- त्वचा पर गोल रिंग के आकार में लाल चकत्ते
- चकत्तों के किनारों पर छोटे उभार या दाने
- पसीना व नमी आने पर असहनीय खुजली व जलन
कारण: डर्माटोफाइट फंगस (गीले कपड़े, पसीना या संक्रमित वस्तुएं)।
2. खाज एवं दरारें (Dry Eczema)
- त्वचा का अत्यधिक रूखा व खुरदुरा होना
- हाथों-पैरों व उंगलियों में गहरी दरारें व कट
- पानी या साबुन लगने पर तेज जलन व टीस
कारण: त्वचा की नमी खत्म होना, तेज डिटर्जेंट व रासायनिक साबुन का संपर्क।
3. पुरानी खुजली (Pruritus)
- त्वचा पर बिना दाने के भी तीव्र खुजली की सनसनाहट
- रात को सोते समय या पसीने में खुजली का बढ़ना
- नाखूनों से खरोंचने पर त्वचा का काला पड़ना
कारण: रक्त में पित्त की अधिकता, धूल-मिट्टी या एलर्जी।
4. सोरायसिस (Psoriasis)
- त्वचा पर लाल पैच के ऊपर चांदी जैसी सफेद पपड़ी जमना
- कोहनी, घुटनों, पीठ या सिर की त्वचा का सूखकर निकलना
- यह संक्रामक (छुआछूत का रोग) बिल्कुल नहीं है
कारण: शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली में असंतुलन व त्वचा कोशिकाओं का अति-निर्माण।
सावधान: स्टेरॉयड युक्त रासायनिक मलम से त्वचा क्यों पतली और बदतर हो जाती है?
बाजार में मिलने वाले कई तेज केमिकल मलम (जैसे Clobetasol, Betamethasone युक्त क्रीम) 2 दिन के लिए लाली और खुजली दबा देते हैं, लेकिन त्वचा की प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर त्वचा को कागज जैसा पतला कर देते हैं। मलम छोड़ते ही फंगल इन्फेक्शन कई गुना अधिक आक्रामक होकर लौटता है। माँ आयुर्वेदिक क्रीम में 0% स्टेरॉयड है — यह नीम, करंज, शुद्ध गंधक और भीमसेनी कपूर की प्राकृतिक शक्ति से बिना त्वचा को नुकसान पहुंचाए शांति प्रदान करती है।
डॉक्टर अथवा चर्म रोग विशेषज्ञ से कब परामर्श लेना चाहिए?
यदि त्वचा पर खुला घाव हो, मवाद बह रहा हो, बुखार हो अथवा 3 सप्ताह के पूर्ण परहेज और प्रयोग के बाद भी आराम न दिखे, तो नजदीकी योग्य त्वचा विशेषज्ञ से चिकित्सकीय जांच कराएं।
स्पष्ट और पारदर्शी 100% मनी-बैक गारंटी
हमें अपने 100% शुद्ध आयुर्वेदिक फॉर्मूले की गुणवत्ता और प्रभाव पर पूर्ण विश्वास है। यदि आप बताए गए निर्देशों और परहेज के अनुसार उत्पाद का नियमित उपयोग करते हैं और संतुष्ट नहीं होते हैं, तो आप 30 दिनों के भीतर रिफंड का दावा कर सकते हैं।
30 दिन की अवधि
डिलीवरी तिथि से 30 दिनों के भीतर दावा दर्ज करें
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केवल ऑर्डर संख्या व मूल विवरण आवश्यक
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5-7 कार्य दिवसों में मूल खाते/UPI में वापसी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
माँ आयुर्वेदिक क्रीम के बारे में सामान्य प्रश्नों के स्पष्ट व सीधे उत्तर
यह क्रीम मुख्य रूप से दाद (Ringworm), दरार, पुरानी खाज, खुजली (Itching), त्वचा की लालिमा, फंगल संक्रमण और सोरायसिस से उत्पन्न रूखेपन व पपड़ी को शांत करने में सहायक है।
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